दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0 का ड्राफ्ट जारी किया है, जो शहर में वायु प्रदूषण को कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए कड़े कदम उठाने की योजना बना रहा है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य 2027 तक दिल्ली में 95% नए वाहनों को इलेक्ट्रिक करना और 2030 तक इसे 98% तक ले जाना है। ड्राफ्ट में प्राइवेट कारों, दोपहिया वाहनों, ऑटो-रिक्शा, और अन्य वाहनों के लिए सख्त नियम प्रस्तावित किए गए हैं।
दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 के प्रमुख नियम
निम्नलिखित तालिका में पॉलिसी के मुख्य प्रावधानों और उनकी समयसीमा का विवरण दिया गया है:
| वाहन प्रकार | प्रस्तावित नियम | समयसीमा |
| सीएनजी ऑटो-रिक्शा | नए रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध, परमिट नवीनीकरण बंद, केवल ई-ऑटो परमिट जारी होंगे। | 15 अगस्त 2025 से |
| 10 साल से पुराने सीएनजी ऑटो | इलेक्ट्रिक में परिवर्तन या प्रतिस्थापन अनिवार्य। | पॉलिसी अवधि के दौरान |
| पेट्रोल, डीजल, सीएनजी दोपहिया | नए रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध। | 15 अगस्त 2026 से |
| थ्री-व्हीलर गुड्स कैरियर | पेट्रोल, डीजल, सीएनजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद। | 15 अगस्त 2025 से |
| प्राइवेट कार (तीसरी कार) | तीसरी कार अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। | पॉलिसी अधिसूचना के बाद |
| कचरा संग्रहण वाहन | MCD, NDMC, और दिल्ली जल बोर्ड के सभी वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। | 31 दिसंबर 2027 तक |
| सार्वजनिक परिवहन बसें | DTC और DIMTS केवल इलेक्ट्रिक बसें खरीदेंगे (शहर के लिए); अंतरराज्यीय के लिए BS-VI। | पॉलिसी शुरू होने के साथ |
नोट: ड्राफ्ट में कुछ नियम, विशेष रूप से दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध, दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी के दौरान संशोधित हो सकते हैं।
पॉलिसी का उद्देश्य
दिल्ली, जो लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है, इस नई नीति के माध्यम से फॉसिल ईंधन (पेट्रोल, डीजल, और सीएनजी) पर निर्भरता को कम करना चाहती है। EV पॉलिसी 2.0 निम्नलिखित लक्ष्यों पर केंद्रित है:
- वायु गुणवत्ता में सुधार: वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना।
- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा: 2027 तक 95% नए वाहन रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: दिल्ली में 13,200 से अधिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना, ताकि हर 5 किलोमीटर पर एक स्टेशन उपलब्ध हो।
- सार्वजनिक और व्यावसायिक वाहनों का विद्युतीकरण: कचरा संग्रहण वाहनों और बसों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक करना।
वर्तमान EV पॉलिसी, जो 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई थी, को 15 दिनों के लिए बढ़ाया गया है, और नया ड्राफ्ट जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होगा।
प्रमुख प्रावधानों का विवरण
- सीएनजी ऑटो-रिक्शा पर प्रतिबंध:
- 15 अगस्त 2025 से दिल्ली में नए सीएनजी ऑटो-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा।
- मौजूदा परमिट नवीनीकृत नहीं होंगे; इसके बजाय, केवल ई-ऑटो परमिट जारी किए जाएँगे।
- 10 साल से पुराने सीएनजी ऑटो को बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर के साथ EV कन्वर्जन किट लगाकर इलेक्ट्रिक में बदलना होगा या उन्हें प्रतिस्थापित करना होगा।
- पेट्रोल, डीजल, और सीएनजी दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध:
- 15 अगस्त 2026 से पेट्रोल, डीजल, और सीएनजी दोपहिया वाहनों (बाइक और स्कूटर) का नया रजिस्ट्रेशन बंद होगा।
- इसका मतलब है कि हीरो स्प्लेंडर, होंडा एक्टिवा, और बजाज फ्रीडम जैसे लोकप्रिय मॉडल दिल्ली में नए खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
- मौजूदा दोपहिया वाहनों के भविष्य पर अभी स्पष्टता नहीं है, लेकिन संभावना है कि वे अपनी निर्धारित अवधि तक चल सकेंगे।
- प्राइवेट कारों के लिए तीसरी कार नियम:
- यदि किसी व्यक्ति के पास पहले से दो वाहन (पेट्रोल, डीजल, या सीएनजी) हैं, तो उनकी तीसरी कार अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक होनी चाहिए।
- यह नियम प्रदूषण को कम करने और घरों में EV अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए है।
- थ्री-व्हीलर गुड्स कैरियर:
- 15 अगस्त 2025 से पेट्रोल, डीजल, और सीएनजी से चलने वाले थ्री-व्हीलर गुड्स कैरियर (डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स वाहन) का रजिस्ट्रेशन बंद होगा।
- इससे व्यावसायिक क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की माँग बढ़ेगी।
- सार्वजनिक और नगर निगम वाहन:
- दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC), और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सभी कचरा संग्रहण वाहन 31 दिसंबर 2027 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगे।
- दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (DIMTS) केवल इलेक्ट्रिक बसें खरीदेंगे। अंतरराज्यीय बसों के लिए BS-VI मानक लागू होंगे।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर:
- वर्तमान में दिल्ली में 1,919 चार्जिंग स्टेशन और 232 स्वैप स्टेशन हैं। नई पॉलिसी के तहत 13,200 से अधिक स्टेशन जोड़े जाएँगे।
- नए भवनों में EV चार्जिंग सुविधाएँ अनिवार्य होंगी, और आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक केंद्रों, और हाईवे पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बढ़ाए जाएँगे।
प्रभाव और चुनौतियाँ
सकारात्मक प्रभाव:
- वायु प्रदूषण में कमी: वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
- EV उद्योग को बढ़ावा: Ather Energy और Exide Industries जैसे EV और बैटरी निर्माताओं को लाभ होगा।
- रोजगार सृजन: चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और EV विनिर्माण से नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- सार्वजनिक परिवहन का आधुनिकीकरण: इलेक्ट्रिक बसें और ऑटो रिक्शा शहर की परिवहन प्रणाली को और टिकाऊ बनाएँगे।
चुनौतियाँ:
- उच्च लागत: इलेक्ट्रिक वाहन और कन्वर्जन किट की लागत ऑटो चालकों और छोटे व्यवसायियों के लिए बोझ बन सकती है।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: पिछले लक्ष्य (2026 तक 48,000 चार्जिंग पॉइंट) का केवल 10% ही हासिल हुआ है।
- दोपहिया वाहन उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव: दिल्ली में 4.5 लाख दोपहिया वाहन बिके (FY25), जिनमें EV की हिस्सेदारी केवल 6% थी। ICE वाहनों पर प्रतिबंध से मोटरसाइकिल उत्साही और दैनिक यात्री प्रभावित होंगे।
- नीति का कार्यान्वयन: विशेषज्ञों का कहना है कि सख्त नीति कार्यान्वयन के बिना लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 कब लागू होगी?
पॉलिसी अप्रैल 2025 में लागू होने की संभावना है, कैबिनेट की मंजूरी के बाद। वर्तमान नीति 15 दिनों के लिए बढ़ाई गई है।
2. क्या मौजूदा पेट्रोल/सीएनजी दोपहिया वाहन प्रतिबंधित होंगे?
नहीं, ड्राफ्ट में मौजूदा वाहनों के उपयोग पर स्पष्टता नहीं है, लेकिन संभावना है कि वे अपनी निर्धारित अवधि तक चल सकेंगे।
3. तीसरी कार नियम क्या है?
यदि आपके पास पहले से दो वाहन हैं, तो तीसरी कार अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। यह नियम पॉलिसी अधिसूचना के बाद लागू होगा।
4. सीएनजी ऑटो चालकों के लिए क्या विकल्प हैं?
10 साल से पुराने सीएनजी ऑटो को इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करना होगा या प्रतिस्थापित करना होगा। नए परमिट केवल ई-ऑटो के लिए होंगे।
5. चार्जिंग स्टेशन कहाँ उपलब्ध होंगे?
दिल्ली में 13,200 नए चार्जिंग स्टेशन जोड़े जाएँगे, जो आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक केंद्रों, और हाईवे पर उपलब्ध होंगे।
निष्कर्ष
दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 एक क्रांतिकारी कदम है, जो शहर को 2027 तक लगभग पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों पर ले जाने का लक्ष्य रखता है। सीएनजी ऑटो, पेट्रोल-डीजल दोपहिया, और थ्री-व्हीलर गुड्स कैरियर पर प्रतिबंध, साथ ही तीसरी कार के लिए EV अनिवार्यता, दिल्ली की परिवहन प्रणाली को बदल देगा। हालाँकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और नीति का प्रभावी कार्यान्वयन इसकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।