बिहार में जमीन से जुड़े विवादों और दस्तावेजों के सुधार के लिए चलाए जा रहे राजस्व महाअभियान में अब तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी अंचल अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किया है कि अभियान के तहत प्राप्त सभी आवेदनों को बिहार भूमि पोर्टल पर 31 दिसंबर 2025 तक हर हाल में 100 प्रतिशत अपलोड कर दिया जाए। पहले यह लक्ष्य 20 नवंबर 2025 तक था, लेकिन कर्मचारियों की कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण इसमें देरी हुई है।
यह अभियान अगस्त-सितंबर 2025 में चलाया गया था, जिसमें घर-घर जाकर जमाबंदी की प्रति दी गई और विशेष शिविरों में म्यूटेशन (नामांतरण), जमाबंदी सुधार सहित अन्य राजस्व संबंधी आवेदन स्वीकार किए गए। उद्देश्य आम लोगों को समयबद्ध न्याय प्रदान करना है। अब अपलोडिंग के बाद आवेदनों की जांच, स्थल निरीक्षण और निपटारा किया जाएगा, जिसकी अंतिम समय सीमा 31 मार्च 2026 है।
बक्सर जिले का उदाहरण देखें तो यहां कुल 1,01,434 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन 12 दिसंबर 2025 तक केवल 51,082 (लगभग 50%) ही अपलोड हो पाए हैं। विभाग ने अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और सघन निगरानी का दावा किया है, साथ ही देरी पर संबंधित कर्मचारियों से जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी है। धीमी रफ्तार से हजारों आवेदक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि अपलोड न होने से आगे की प्रक्रिया रुकी हुई है।
बक्सर जिले में प्रखंडवार अपलोड स्थिति (12 दिसंबर 2025 तक)
| प्रखंड | प्राप्त आवेदन | अपलोड आवेदन | प्रतिशत (लगभग) |
| बक्सर | 15,346 | 5,752 | 37% |
| चौसा | 6,939 | 3,572 | 51% |
| इटाढ़ी | 7,728 | 2,883 | 37% |
| राजपुर | 16,120 | 5,633 | 35% |
| नावानगर | 12,205 | 8,376 | 69% |
| डुमरांव | 9,758 | 7,508 | 77% |
| केसठ | 2,880 | 2,216 | 77% |
| चौगाई | 3,273 | 1,792 | 55% |
| ब्रह्मपुर | 8,356 | 6,414 | 77% |
| चक्की | 2,952 | 1,116 | 38% |
| सिमरी | 15,877 | 5,820 | 37% |
| कुल | 1,01,434 | 51,082 | 50% |
*नोट: आंकड़े अनुमानित हैं, वास्तविक स्थिति में थोड़ा बदलाव संभव।
यह आदेश पूरे राज्य पर लागू है। अगर अपलोडिंग समय पर पूरी हो जाती है, तो मार्च 2026 तक सभी मामलों का निपटारा संभव हो सकेगा। आवेदकों को सलाह है कि अपने अंचल कार्यालय से संपर्क कर अपनी आवेदन स्थिति की जांच करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: राजस्व महाअभियान में आवेदनों को अपलोड करने की नई अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: 31 दिसंबर 2025। पहले यह 20 नवंबर थी, लेकिन अब बढ़ा दी गई है।
प्रश्न 2: यह आदेश किसने जारी किया?
उत्तर: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
प्रश्न 3: आवेदन अपलोड न होने पर क्या होगा?
उत्तर: आगे की प्रक्रिया (जांच, निरीक्षण और निपटारा) रुक जाएगी। देरी पर कर्मचारियों से जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रश्न 4: सभी आवेदनों का निपटारा कब तक होगा?
उत्तर: 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य है।
प्रश्न 5: अभियान में कौन-कौन से आवेदन शामिल हैं?
उत्तर: मुख्य रूप से म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), जमाबंदी सुधार और अन्य राजस्व संबंधी मामले।
प्रश्न 6: आवेदक अपनी स्थिति कैसे चेक करें?
उत्तर: बिहार भूमि पोर्टल पर या संबंधित अंचल कार्यालय से संपर्क करें।
प्रश्न 7: क्या देरी के लिए कोई तकनीकी कारण हैं?
उत्तर: हां, अमीन और राजस्व कर्मियों की कमी तथा तकनीकी बाधाएं मुख्य कारण हैं।
प्रश्न 8: क्या आवेदकों पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: हां, देरी से मामलों का समाधान लंबा खिंच सकता है, इसलिए विभाग तेजी लाने का प्रयास कर रहा है।
राजस्व महाअभियान से जमीन संबंधी पुराने विवादों का समाधान आसान होगा। विभाग की नई पहल से उम्मीद है कि जल्द ही प्रगति दिखेगी!